पब्लिक स्वर,रायपुर। छत्तीसगढ़ में नगरीय प्रशासन को अधिक चुस्त और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने व्यापक प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत कुल 37 अधिकारियों और कर्मचारियों का तबादला किया गया है, जिसका सीधा असर प्रदेश के कई नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों के कामकाज पर पड़ेगा।
इस फेरबदल की खास बात यह है कि लंबे समय से खाली या प्रभार के भरोसे चल रहे निकायों में अब नियमित मुख्य नगर पालिका अधिकारियों (CMO) की नियुक्ति की गई है। विभाग का मानना है कि स्थायी अधिकारियों की तैनाती से न सिर्फ प्रशासनिक निर्णय तेजी से होंगे, बल्कि विकास कार्यों की निगरानी और क्रियान्वयन भी बेहतर तरीके से हो सकेगा।
विभागीय आदेश के अनुसार, अब तक प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में काम कर रहे 6 सहायक राजस्व अधिकारियों और जूनियर कर्मचारियों को उनके मूल पद पर वापस भेज दिया गया है। यह कदम प्रशासनिक संरचना को व्यवस्थित करने और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने के उद्देश्य से उठाया गया है, ताकि पद के अनुरूप कार्य विभाजन सुनिश्चित हो सके।
हालांकि, प्रदेश में नियमित CMO की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी को देखते हुए कुछ नगरीय निकायों में वरिष्ठ कर्मचारियों को अस्थायी रूप से प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे यह संकेत मिलता है कि सरकार फिलहाल उपलब्ध संसाधनों के साथ संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है, जब तक कि स्थायी नियुक्तियां पूरी नहीं हो जातीं।

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