पब्लिक स्वर,कोरिया। कोरिया जिले के बैकुंठपुर क्षेत्र में आंगनबाड़ी सहायिका के कथित अपहरण का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। रोज की तरह ड्यूटी पर निकली सहायिका को बीच रास्ते से जबरन कार में बैठाकर ले जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, बैकुंठपुर से लगे चेर आंगनबाड़ी केंद्र में पदस्थ सहायिका आशा प्रजापति सुबह अपने घर से ड्यूटी के लिए निकली थीं। बताया जा रहा है कि घर से कुछ दूरी पर सफेद रंग की एक अल्टो कार उनके पास आकर रुकी। कार में सवार व्यक्ति ने कथित तौर पर उन्हें जबरन वाहन में बैठाया और मौके से फरार हो गया। घटना को आसपास मौजूद लोगों ने देखा। प्रत्यक्षदर्शियों ने तत्काल इसकी जानकारी पीड़िता के पति को दी। सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय पार्षद बैकुंठपुर सिटी कोतवाली पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। प्रारंभिक पड़ताल में वीरेंद्र बसोर नामक व्यक्ति का नाम सामने आया है, जिसे पीड़िता का परिचित बताया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह मामला जबरन अपहरण का है या दोनों के बीच पहले से किसी प्रकार का संपर्क था। फिलहाल आरोपी और पीड़िता दोनों के मोबाइल फोन बंद बताए जा रहे हैं, जिससे पुलिस को लोकेशन ट्रेस करने में दिक्कत आ रही है। हालांकि पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके अलावा संभावित ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर जल्द ही दोनों का पता लगा लिया जाएगा। वहीं, घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत और नाराजगी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन को और सतर्क रहने की जरूरत है। यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि पीड़िता सरकारी सेवा से जुड़ी हुई है और दिनदहाड़े उसे रास्ते से उठा लिया गया। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई और सच्चाई सामने लाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है।

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