पब्लिक स्वर,धमतरी। नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी और एकरूप क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से धमतरी पुलिस ने शनिवार को पुलिस लाइन रूद्री स्थित कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में जिले के करीब 250 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों के तहत विवेचना की नई प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती, अभियोजन और न्यायालयीन प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी।
आर.के. विज ने कहा कि नए कानूनों का उद्देश्य न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। इसके लिए पुलिस अधिकारियों का कानूनों की अद्यतन जानकारी और व्यावहारिक दक्षता बेहद आवश्यक है।
एसपी बोले- गुणवत्तापूर्ण विवेचना से मिलेगा त्वरित न्याय
एसपी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते कानूनी परिदृश्य में पुलिस बल का लगातार प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित गुणवत्तापूर्ण विवेचना और मजबूत अभियोजन से अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने के साथ पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाया जा सकता है। इसी उद्देश्य से धमतरी पुलिस समय-समय पर ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रही है।
प्रकरण आधारित प्रशिक्षण, जिज्ञासाओं का समाधान
कार्यशाला में जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी, विवेचना अधिकारी, उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक, वरिष्ठ आरक्षक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से डिजिटल साक्ष्य, विवेचना, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अभियोजन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया तथा अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।
धमतरी पुलिस का कहना है कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से पुलिस बल की व्यावसायिक दक्षता, विधिक ज्ञान और अनुसंधान क्षमता मजबूत होगी, जिससे आमजन को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी न्याय दिलाने की दिशा में पुलिस व्यवस्था और अधिक सशक्त बनेगी।

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