पब्लिक स्वर,धमतरी। धमतरी जिले में वन्यजीवों के कथित शिकार का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना पांच युवकों को भारी पड़ गया। वायरल वीडियो के आधार पर वन विभाग ने त्वरित जांच करते हुए संयुक्त अभियान चलाया और पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अदालत ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार, मामला धमतरी वन मंडल के बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र के जंगल का है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में धामन सांप (Rat Snake) और गोय (मॉनिटर लिजर्ड) के कथित शिकार के साथ उनके प्रति क्रूरतापूर्ण व्यवहार दिखाई देने का दावा किया गया था। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।
जांच के दौरान उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व (USTR) की एंटी पोचिंग टीम, बिरगुड़ी वन परिक्षेत्र तथा नरहरपुर वन परिक्षेत्र की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से वन्यजीवों के शिकार की बात स्वीकार की। वन विभाग के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने यह भी बताया कि उन्होंने कथित रूप से शिकार किए गए धामन सांप और गोय का मांस पकाकर खाया था। इसके बाद वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के प्रावधानों के तहत सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विनोद, घसिया, प्रदीप, शैलेंद्र और शिवानंद के रूप में हुई है। सभी आरोपी नरहरपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। न्यायालय में पेशी के बाद पांचों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों का शिकार करना और उससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करना गंभीर अपराध है। यदि कहीं भी वन्यजीवों के शिकार या तस्करी की जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

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