पब्लिक स्वर,कवर्धा। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने की दिशा में पंडरिया विधानसभा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। विधायक भावना बोहरा जल्द ही "भावना दीदी की साइंस पाठशाला" के तहत मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का शुभारंभ करेंगी। इस अत्याधुनिक मोबाइल लैब के माध्यम से सरकारी और चयनित विद्यालयों के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब शिक्षा और रोजगार का स्वरूप तेजी से तकनीक आधारित होता जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) भी विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और कौशल आधारित शिक्षा पर विशेष जोर देती है। ऐसे में ग्रामीण छात्रों तक आधुनिक तकनीकी शिक्षा पहुंचाने की यह कोशिश क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
स्कूल तक पहुंचेगी मोबाइल टेक्नोलॉजी लैब
"भावना दीदी की साइंस पाठशाला" एक विशेष रूप से तैयार की गई मोबाइल लैब होगी, जो बस के रूप में अलग-अलग विद्यालयों तक पहुंचेगी। इससे विद्यार्थियों को किसी बड़े शहर या निजी संस्थान पर निर्भर हुए बिना अपने ही स्कूल परिसर में आधुनिक तकनीकों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा।
पहले चरण में कक्षा 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक विद्यालय में 3 से 5 दिनों की कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें विशेषज्ञ प्रशिक्षक बेसिक से एडवांस स्तर तक प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण पूरा करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
केवल पढ़ाई नहीं, तकनीक का व्यावहारिक अनुभव
इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता यह होगी कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें तकनीकों का वास्तविक अनुभव भी कराया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राएं स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना और 3D मॉडल तैयार करना सीखेंगे।
मोबाइल लैब में जिन प्रमुख तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, उनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3D प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) शामिल हैं। इन तकनीकों के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, समस्या समाधान की क्षमता और नवाचार की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
हर साल 5 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ का लक्ष्य
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि इस योजना के माध्यम से प्रतिवर्ष 5,000 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि प्रतिभा किसी शहर या संसाधन की मोहताज नहीं होती। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों में भी अपार क्षमता है, आवश्यकता केवल उन्हें सही अवसर और आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराने की है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी शिक्षा के बीच मौजूद तकनीकी अंतर को कम करना है, ताकि संसाधनों के अभाव में कोई भी विद्यार्थी भविष्य की दौड़ में पीछे न रह जाए।
शिक्षा के क्षेत्र में पहले भी कई पहल
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पहले भी कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उच्च शिक्षा के लिए आवागमन की समस्या से जूझ रही छात्राओं के लिए 10 निःशुल्क बसों का संचालन किया जा रहा है, जिससे अब तक 1,500 से अधिक छात्राएं लाभान्वित हो चुकी हैं। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पंडरिया नगर में "लक्ष्य निःशुल्क कोचिंग" संचालित की जा रही है, जहां IIT-JEE, NEET और CGPSC जैसी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।

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