पब्लिक स्वर, बिलासपुर। भारत रत्न और क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर का परिवार मंगलवार सुबह बिलासपुर पहुंचा। यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया, जिससे परिवार बिना किसी औपचारिकता और भीड़भाड़ के ग्रामीण इलाकों तक पहुंच सका। सुबह करीब साढ़े 5 बजे बिलासपुर पहुंचे परिवार में सचिन तेंदुलकर की पत्नी डॉ. अंजलि तेंदुलकर, बेटी सारा तेंदुलकर और बहू सानिया चंडोक तेंदुलकर शामिल थीं।
यह दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण जीवन, स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की परिस्थितियों को करीब से समझने का प्रयास भी नजर आया।
अचानकमार क्षेत्र के गांवों तक पहुंचा काफिला
दोपहर में तेंदुलकर परिवार का काफिला लोरमी स्थित अचानकमार क्षेत्र के छपरवा और बम्हनी गांव पहुंचा। यहां तीनों ने पैदल गांव का भ्रमण किया और ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। गांव की गलियों, घरों और स्थानीय माहौल को देखने के दौरान उन्होंने ग्रामीणों की जीवनशैली, जरूरतों और चुनौतियों को समझने की कोशिश की।
दौरे की सबसे खास बात यह रही कि परिवार ने ग्रामीणों के बीच पूरी सहजता से समय बिताया। बच्चों को खिलौने दिए गए, उनसे बातचीत की गई और कई जगह नवजात शिशुओं को गोद में लेकर स्नेह जताया गया। सारा तेंदुलकर भी एक आदिवासी बच्चे को गोद में लेकर दुलार करती नजर आईं।
ग्रामीणों के अनुसार, परिवार ने गांव के लोगों से यह जानने की कोशिश की कि उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे यह दौरा केवल फोटो सेशन या औपचारिक मुलाकात न लगकर जमीनी जुड़ाव का प्रयास दिखाई दिया।
सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के कार्यों का लिया जायजा
तेंदुलकर परिवार ने इस दौरान सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन के तहत संचालित गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। फाउंडेशन की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा से जुड़े कार्य किए जा रहे हैं। परिवार ने इन कार्यक्रमों की प्रगति और प्रभाव को समझने के लिए स्थानीय टीमों से बातचीत की।
गांवों में बच्चों के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर विशेष फोकस किया गया। खासकर वनांचल के गरीब और आदिवासी बच्चों की स्थिति को लेकर परिवार ने रुचि दिखाई।
गनियारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर में स्वास्थ्य सेवाओं का निरीक्षण
बुधवार सुबह नाश्ते के बाद डॉ. अंजलि तेंदुलकर, सारा तेंदुलकर और सानिया चंडोक तेंदुलकर गनियारी प्राइमरी हेल्थ सेंटर पहुंचीं। यहां उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और फुलवारी केंद्र का निरीक्षण किया। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ बैठक कर व्यवस्थाओं, जरूरतों और चुनौतियों पर चर्चा की गई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गनियारी जन स्वास्थ्य समिति वनांचल के कई गांवों में निःशुल्क स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यक्रम संचालित करती है। इसी समिति के तहत चल रहे फुलवारी केंद्र में बैगा समुदाय के बच्चों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा पर काम किया जाता है।
तेंदुलकर परिवार ने ग्राम बम्हनी में जनस्वास्थ्य उपकेंद्र और बालवाड़ी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने वन क्षेत्र में रहने वाले गरीब बच्चों के रहन-सहन, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पोषण व्यवस्था के बारे में जानकारी ली।
समिति की चिकित्सकीय टीम ने उन्हें बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अभी भी कई चुनौतियां हैं, लेकिन सामुदायिक भागीदारी के जरिए सुधार के प्रयास जारी हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने किया स्वागत
दौरे के दौरान ग्रामीण महिलाओं ने पुष्पगुच्छ भेंटकर तेंदुलकर परिवार का स्वागत किया। कई ग्रामीणों ने उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं। गांव के लोगों के लिए यह दौरा खास रहा, क्योंकि देश के सबसे प्रतिष्ठित परिवारों में से एक ने उनके बीच पहुंचकर उनकी समस्याओं और जरूरतों को समझने की कोशिश की।
गोपनीयता ने बढ़ाई चर्चा
तेंदुलकर परिवार का यह दौरा पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। कार्यक्रम को पहले से सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे कहीं भी भीड़भाड़ या सुरक्षा संबंधी बाधाएं नहीं आईं। इसी वजह से परिवार गांवों में अधिक सहजता से लोगों के बीच समय बिता सका।
जानकारी के अनुसार, तेंदुलकर परिवार बुधवार शाम रायपुर से मुंबई रवाना हो सकता है। हालांकि इस दौरे को लेकर अब भी आधिकारिक रूप से ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है।

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