पब्लिक स्वर,बालोद। बालोद शहर के कई वार्डों में पिछले एक सप्ताह से मटमैले पानी की सप्लाई होने की शिकायतों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुबह और शाम गंदा पानी आने से नागरिकों में जलजनित बीमारियों, खासकर डायरिया फैलने की आशंका जताई जा रही है। इस मामले को लेकर स्थानीय पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि नगर पालिका का कहना है कि पानी की जांच में वह पीने योग्य पाया गया है।
पाररास वार्ड की पार्षद, कुन्दरूपारा के पार्षद और गंजपारा के पार्षद का आरोप है कि लगातार बारिश के बाद खरखरा केनाल का मटमैला पानी सिवनी पंप हाउस तक पहुंच रहा है। उनका कहना है कि शहर में सामान्य स्थिति में तांदुला जलाशय का पानी सप्लाई किया जाना चाहिए, लेकिन वर्तमान व्यवस्था के कारण दूषित पानी लोगों के घरों तक पहुंच रहा है।
पार्षदों के अनुसार, इस संबंध में कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उनका कहना है कि यह केवल पेयजल की गुणवत्ता का नहीं, बल्कि सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है।
"केनाल का गेट बंद कर तांदुला का पानी छोड़ा जाए"
गंजपारा के पार्षद ने मांग की है कि बारिश के दौरान खरखरा केनाल का गेट पूरी तरह बंद कर तांदुला जलाशय से स्वच्छ पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि मटमैले पानी की सप्लाई जारी रही तो शहर में डायरिया जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन किया जाएगा।
केनाल में गंदा पानी मिलने का दावा
कुन्दरूपारा के पार्षद ने बताया कि बारिश के बाद से उनके वार्ड में लगातार गंदा पानी आ रहा है। उन्होंने स्वयं सिवनी पंप हाउस के पास जाकर स्थिति का निरीक्षण किया, जहां केनाल का पानी पूरी तरह मटमैला दिखाई दिया। उनका दावा है कि केनाल किनारे बसे कुछ घरों का गंदा पानी भी इसमें मिल रहा है, जिससे संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
नगर पालिका का दावा- पानी सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं
वहीं, नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने कहा कि फिलहाल उनके पास इस संबंध में कोई आधिकारिक शिकायत नहीं पहुंची है। उन्होंने बताया कि हाल ही में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग द्वारा पानी की गुणवत्ता की जांच कराई गई थी, जिसमें पानी पीने योग्य पाया गया। उनका कहना है कि गंजपारा स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्धिकरण प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पानी शहर के विभिन्न वार्डों में सप्लाई किया जाता है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने जांच का दिया भरोसा
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि वे स्वयं मौके का निरीक्षण करेंगी। यदि जांच में यह पाया गया कि खरखरा केनाल का गंदा पानी सिवनी पंप हाउस तक पहुंच रहा है, तो सिंचाई विभाग से समन्वय कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना नगर पालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

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